NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7


Class 9 Hindi has an excellent syllabus to follow and study the beautiful pieces of literature. The 7th chapter is all about the childhood days of the authoress Mahadevi Verma. Her skill in presenting her childhood using words is remarkable. Those who feel the nostalgia of childhood will be able to relate to this piece perfectly. In this Chapter 7 Hindi Class 9 Kshitij, she tells us about her best friends and the families staying as neighbours with them. She was fascinated by the memories of her childhood and repent that all those days will not come back again. These beautiful emotions can be explained well in your answers when you refer to the NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7. Download the PDF file for free so that you can prepare the chapter on your own and score well in the exams. Subjects like Science, Maths, English and Hindi will become easy to study if you have access to NCERT Solution for Class 9 Science, Maths solutions and solutions of other subjects. You can also download NCERT Solutions for Class 9 Maths to help you to revise complete syllabus and score more marks in your examinations.

Access NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7 - महादेवी वर्मा

1. मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई और मुझे वह सब नहीं सहना पड़ा जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ता है।‘ इस कथन के आलोक में आप यह पता लगाएँ कि- उस समय लड़कियों की दशा कैसी थी?

उत्तर: उस समय लड़कियों को अभव्याप समझा जाता था।लड़की को पैदा होते ही मार दिया जाता था। लोग लड़की के जन्म को परिवार के लिए बोझ मानते थे।

2. 'मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई और मुझे वह सब नहीं सहना पड़ा जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ता है।' इस कथन के आलोक में आप यह पता लगाएँ कि लड़कियों के जन्म के संबंध - में आज कैसी परिस्थितियाँ हैं ?

उत्तर: आज समाज मे लड़कियों को एक विशेष स्थान प्राप्त है। उन्हें लड़के के समान ही पाला- पोषा और शिक्षित किया जाता है। प्रत्येक क्षेत्र में बराबर का अधिकार मिला हुआ है।

3. लेखिका उर्दू-फ़ारसी क्यों नहीं सीख पाई ?

उत्तर: लेखिका के परिवार में उनके बाबा ही फारसी और उर्दू जानते थे। वे चाहते थे कि लेखिका भी उर्दू-फारसी सीख लें परंतु लेखिका की ना तो उसमें रूचि थी और न ही उन्हें यह लगा कि वे इसे सीख पाएंगी ! एक दिन मौलवी साहब पढ़ाने आए तो वे चारपाई के नीचे जा छिपी । उसके बाद वे नहीं आए। इस तरह लेखिका उर्दू-फार नहीं सीख पाई।

4. लेखिका ने अपनी माँ के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है?

उत्तर: लेखिका महादेवी वर्मा की माँ हिंदी बोलती थी। उनका पूजा-पाठ मे विशवास था। वे संस्कृत भाषा भी जानती थी। गीता पढ़ने मे उनकी विशेष रुचि थी वे लिखती और पढ़ गाती थी। मीरा के पदों मे उन्हें विशेष रुचि थी।

5. जवारा के नवाब के साथ अपने पारिवारिक संबंधों को लेखिका ने आज के संदर्भ में स्वप्न जैसे क्यों कहा है ?

उत्तर: लेखिका ने ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि जवारा का नवाब और लेखिका का परिवार दोनों ही भिन्न-भिन्न धर्मों से सम्बन्ध रखते थे लेकिन यह बात कभी उनके सम्बन्धों के बीच में नहीं आयी। दोनों ही परिवारों के रीती-रिवाज, पर्व-त्योहार अलग-अलग थे परन्तु इससे उनके बीच के रिश्तों खराब नहीं हुए बल्कि दोनों परिवार सब कुछ मिल-जुलकर करते थे। आज के समय में अलग-अलग धर्मों के बीच बहुत तनाव रहता है और दूसरे धर्मों के लोग एक दूसरे से बुरा व्यवहार करते है।

6. ज़ेबुन्निसा महादेवी वर्मा के लिए बहुत काम करती थी। ज़ेबुन्निसा के स्थान पर यदि आप होतीं / होते तो महादेवी से आपकी क्या अपेक्षा होती?

उत्तर: यदि जेबुन्निसा की जगह पर मैं होती तो मैं महादेवी वर्मा से बहुत सारी अपेक्षाएँ रखती। अगर मैं महादेवी वर्मा के लिए एक सेविका की भूमिका निभाती तो मैं वेतन के साथ ही उनसे विनम्रता की भी अपेक्षा रखती। अगर मैं उनके लिए एक दोस्त की भाँति रहती तो अपने कामों में भी उनसे सहायता पाने की अपेक्षा करती लेकिन वही यदि मैं उनसे सम्बंधित सभी लोगों की भूमिका में होती तो मैं उनसे पैसे की जगह प्यार पाना चाहती।

7.  महादेवी वर्मा को काव्य प्रतियोगिता में चाँदी का कटोरा मिला था। अनुमान लगाइए कि आपको इस तरह का कोई पुरस्कार मिला हो और वह देशहित में या किसी आपदा निवारण के काम में देना पड़े तो आप कैसा अनुभव करेंगे / करेंगी?

उत्तर: हमें बहुत अच्छा लगेगा। सच कहूँ तो मैं गोरवान्वित अनुभव करूंगा | समाज से हमारा अपना हित दूसरे के हित से जुड़ा होता है और हम सबका हित देश के हित से । इसलिए देश समाज की खुशीयों से बढ़कर मानी जानी चाहिए।

8. लेखिका ने छात्रावास के जिस बहुभाषी परिवेश की चर्चा की है उसे अपनी मातृभाषा में लिखिए।

उत्तर: महादेवी जी के छात्रावास में देश के विभिन्न भागों से छात्राएँ पढ़ने आती थीं। उनकी मातृभाषाएँ अलग-अलग थीं। वे आपस में अपनी-अपनी बोलियों मे बोलती थीं, जैसे बुंदेली, अवधी, ब्रज आदि में। सब हिंदी पढ़ती थीं और ऐसे अफसरों पर सभी हिंदी में बातें करती थीं। वे एक ही प्रार्थना में खड़ी होती थीं और उनमें कभी कोई विवाद नहीं होता था।

9. महादेवी जी के इस संस्मरण को पढ़ते हुए आपके मानस- पटल पर भी अपने बचपन की स्मृति उभरकर आई होगी, उसे संस्मरण शैली में लिखिए।

उत्तर: में जहाँ रहती हूँ वहीं पास में कुछ मुसलमानों के घर भी हैं। एक बार पाकिस्तान भारत के साथ क्रिकेट के एक मैच में हार गया । कुछ शरारती लड़कों ने मुसलमानों के घर के आगे बहुत सारे पटाखे फोड़ दिए । यह बात मुसलमानों को बिल्कुल अच्छी नहीं लगी और उन्होंने एक हिन्दू लड़के को पीट दिया। देखते-ही-देखते साम्प्रदायिक माहौल पैदा हो गया और काफी पत्थरबाजी हुई जिससे कई लोग घायल हो गए। मेरा छोटा भाई कोचिंग क्लास से आने वाला था। हम लोग काफी चिन्तित थे। तभी किनारे पर रहने वाले शेख चाचा बाहर निकले तो उन्हें मेरा भाई आते हुए दिखा। वे तुरंत अपने घर ले गए। उन्होंने मेरे घरवालों को फोन किया । घरवाले पुलिस के साथ शेख चाचा के घर गए और उन्हें धन्यवाद देते हुए भाई को घर ले आए।

10. महादेवी ने कवि-सम्मेलनों में कविता-पाठ के लिए अपना नाम बुलाए जाने से पहले होने वाली बेचैनी का जिक्र किया है। अपने विद्यालय में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते समय आपने जो बेचैनी अनुभव की होगी, उस पर डायरी का एक पृष्ठ लिखिए।

उत्तर: आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमारे स्कूल में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में से मैंने गायन प्रतियोगिता में भाग लिया है। इसमें मेरे मित्र भी भाग ले रहे हैं। मैंने इस कार्यक्रम के लिए बहुत तैयारी भी की थी लेकिन जैसे ही मेरी बारी नजदीक आने लगी, मुझे घबराहट महसूस होने लगी। जब मेरे नाम की घोषणा की गई तो मुझे बहुत भय लगने लगा। मैं जब स्टेज पर गया तो वहाँ सबने मेरा स्वागत बहुत विनम्रतापूर्वक किया। फिर जाकर मेरे अंदर थोड़ा आत्मविश्वास आया और मैंने अपना गीत सबको सुनाया। सभी ने मेरे लिए बहुत तालियाँ भी बजायी और मेरी प्रशंसा भी की गयी।

11. पाठ से निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द ढूँढ़कर लिखिए विद्वान, अनंत, निरपराधी, दंड, शांति।

उत्तर: 

  • विद्वान - मूर्ख
  • अनंत - संक्षिप्त
  • निरपराधी -अपराधी
  • दंड -पुरस्कार
  • शांति - अशांति

12. निम्नलिखित शब्दों से उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए और मूल शब्द बताइए - 

निराहारी, साम्प्रदायिकता, अप्रसन्नता, अपनापन, किनारीदार, स्वतंत्रता

उत्तर:-

शब्द

उपसर्ग

मूलशब्द

प्रत्यय

निराहारी

निर्

आहार

साम्प्रदायिकता

सम, प्र

सम्प्रदाय, दाय

इक, ता

अप्रसन्नता

प्रसन्न

ता

अपनापन

×

अपना

पन

किनारीदार

किनारा

दार

स्वतंत्रता

स्व

तंत्र

ता


13. निम्नलिखित उपसर्ग-प्रत्ययों की सहायता से दो-दो शब्द लिखिए – 

उपसर्ग- अन्, अ, सत्, स्व, दुर्

प्रत्यय- दार, हार, वाला, अनीय 

उत्तर:

उपसर्ग-

  • अन् –अनशन, अनादर 
  • – असत्य, अन्याय
  • सत् – सत्चरित्र, सत्कर्म
  • स्व – स्वाधीन, स्वराज्य
  • दुर – दुर्जन, दुर्व्यवहार
प्रत्यय-

  • दार – ईमानदार, हिस्सेदार
  • हार – तारनहार, पालनहार
  • वाला – फलवाला, रिक्शावाला
  • अनीय –आदरनीय, दर्शनीय।

14. पाठ में आए सामासिक पद छाँटकर विग्रह कीजिए –

  पूजा-पाठ पूजा और पाठ

उत्तर:-

सामासिक पद

विग्रह

परमधाम

परम है जो धाम

दुर्गापूजा

दुर्गा की पूजा

कुलदेवी

कुल की देवी

पंचतंत्र

पाँच तंत्रो से बना है जो

रोना- धोना

रोना और धोना

उर्दू-फ़ारसी

उर्दू और फ़ारसी

चाची-ताई

चाची और ताई

छात्रावास

छात्रों का आवास

कवि-सम्मेलन

कवियों का सम्मेलन

जेब-खर्च

जेब के लिए खर्च

Mere Bachpan Ke Din: Class 9th Hindi Kshitij Chapter 7 Summary

The lively picture drawn by the authoress in her prose ‘Mere Bachpan Ke Din’ is very fascinating. It was during the turmoil of India’s freedom movement. According to the chapter, she was the first girl born in two centuries in her family. Despite the fact, she got a beautiful environment in her home to study and find her basic rights. It was her grandfather who wished for a girl child in the family while doing Durga Puja. She was thus named as Mahadevi. Hindi Kshitij Class 9 solutions Chapter 7 will also tell you how the girls were treated in the class, school and society. Her mother taught him English, Persian, Urdu and Sanskrit. In fact, it was her mother who encouraged her to learn Hindi. It was then she was exposed to the infinite world of Hindi literature. If you follow the NCERT Solution of Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7, you will find out how she got involved in the Kavi Sammelan. She also explained her experience of meeting Gandhiji.

She also introduced her friends in her prose that depicts her childhood memories. She was fascinated by her friend Subhadra Kumari Chauhan. She was her senior and was very fond of writing poems. The authoress’ mother was also an avid Bhajan composer. She found a motherly figure in her friend. She was encouraged by Subhadra to write poems. Since then, she has never stopped writing Hindi poems and literature and amazed the world. The NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7 Mere Bachpan Ke Din will explain how her friendship grew and how she started writing poems with her best friend.

Advantages of Using NCERT Solution for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7

NCERT Hindi Kshitij Class 9 Chapter 7 is an excellent description of one’s beautiful life. It was the authoress’ childhood described in this chapter so perfectly that you can visualize the events perfectly. To understand the emotions behind her beautiful lines, you will need the assistance of the NCERT Solution for Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7. On using the solution, you will find how to answer the questions in the exercise properly. Follow the format of the solution so that you can practice and prepare your own answers during the exams.

Apart from being independent, you can use the NCERT Solutions Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7 to frame the best answers for the questions. On using this solution as a reference, you can prepare a strong foundation to prepare the chapter beforehand. You can complete the chapter right on time and can revise it using the solution. Preparing NCERT Hindi Class 9 Kshitij Chapter 7 will become a lot easier when you have a solution in your study material. NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij Ch 7 will add more flexibility to your study schedule. You can spare ample time for other chapters in the Hindi syllabus.

FAQs (Frequently Asked Questions)

1. What is the Ideal Way to Prepare Chapter 7 Class 9 Hindi Kshitij?

The best way to prepare this chapter is by referring to the NCERT Solutions for Class 9th Hindi Kshitij Chapter 7 from the experts of CoolGyan. You will get a good reference to base on and study the questions.

2. How can I Write the Best Answers for Ch 7 Hindi Class 9 Kshitij?

Follow the classroom sessions so that you can build a foundation to rely on. Once you are done with the chapter, try answering the questions in the exercises. Compare your answers with that of the NCERT Solution Class 9 Hindi Kshitij Chapter 7 so that you can highlight where you need improvement.

3. How can you Find What the Authoress Want to Say to us in this Chapter?

Concentrate on the answers given in the solution for NCERT Class 9 Kshitij Chapter 7 so that you can find out what the authoress want to address in her prose.

4. How can I download the NCERT Solutions for Class 9 Hindi PDF online?

To download NCERT Solutions for Class 9 Hindi PDF online, you need to follow these steps:

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5. What is the syllabus for Class 9 Hindi?

According to CBSE, the syllabus for Class 9 Hindi is divided into three sections - Section A, Section B and Section C. Section A covers topics such as unseen passages and poems. Section B has grammar questions on synonyms, antonyms, prepositions, letters, essay writing, and other such topics. Section C covers questions related to the chapters mentioned in NCERT Hindi books - Kshitij, Sparsh, Kritika and Sanchayan.

6. How many chapters are there in the Hindi Class 9 Kshitij book?

The book contains 17 chapters:

  • Do Bailo Ki Katha

  • Lahasa Ki Aore

  • Upbhogtavad Ki Sanskriti

  • Sawale Sapno Ki Yaad

  • Nana SahebKi Putri

  • Premchand Kai PhateJoote

  • Mere Bachpan Kai Din

  • Ek Kuta Aur Ek Maina

  • Sakhiyan Aur Sabad

  • Vakh

  • Sawaye

  • Kaidi Aur Kokila

  • Gram Shree

  • Chandra Ghana Se Lotthi Bair

  • Megh Aaye

  • Yamraj Ki Disha

  • Bache Kaam Par Ja Rahe hai.

7. What is the basic concept of Chapter 7 Class 9 Hindi Kshitij book?

Chapter 7 ‘Mere Bachpan Ke Din' mentioned in Kshitij book describes the childhood memories of the author Mahadevi Verma. In this story, she mentions her beautiful experiences with her friends and family and feels nostalgic for her childhood. Also, she grieves the fact that her childhood days will never come back.

8. Why should you study Class 9 Hindi at CoolGyan?

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